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कांग्रेसी सांसदों की पत्नियों  का मुखड़ा सोनिया गांधी ने देखा
आदरणीय सोनिया जी,
 नमस्कार
 देश की विधानसभाओं और संसद में 33 प्रतिशत स्थान महिलाओं को आरक्षित करने वाला विधेयक कानून का स्वरूप लेगा या नहीं, यह अभी गर्भ में है। लेकिन आपको इस बात की बधाई कि आपने कांग्रेसी सांसदों की पत्नियों का मुखड़ा देख लिया है। महिला आरक्षण बिल राज्यसभा में पारित हो जाने के उपलक्ष्य में आपने 11 मार्च को अपने घर पर एक दावत आयोजित की और इस दावत में कांग्रेस के सांसदों को हिदायत दी गई कि वे अपनी-अपनी पत्नी के साथ आएं। चूंकि यह दावत आपके घर 10 जनपथ पर थी इसलिए सभी सांसद अपनी धर्मपत्नी के साथ ही आये। आपने भी दावत में सांसदों से ज्यादा उनकी पत्नियों  को तवज्जों दी। कांग्रेस के अनेक सांसद ऐसे हैं जो अपनी ओरिजनल पत्नी को अपने साथ  नहीं ले जाते हैं। चंूकि सांसदों को दिल्ली में भी आवास की सुविधा मिलती है इसलिए अनेक सांसद अपनी ओरिजनल पत्नी को निर्वाचन क्षेत्र अथवा पैतृक गांव में ही रखते हैं । अनेक सांसदों की पत्नी कभी भी दिल्ली नहीं आयीं, लेकिन आपने यह बहुत अच्छा किया कि दावत में सांसदों की पçत्नयों को भी आमन्त्रित किया। इससे कम से कम एक बार तो ओरिजनल  पत्नी  को मान सम्मान प्राप्त हुआ। आलोचक माने या नहीं, लेकिन मैं मानता हूं कि अब आप भारतीय राजनीति में जबरदस्त होशियार हो गई हैं। आपको भी पता है कि महिला आरक्षण बिल यदि कानून बनता है तो इसका फायदा वर्तमान सांसदों के परिवार की महिलाओं को ही मिलेगा। आपने सही अन्दाजा लगाया कि यदि फायदा ही हो तो कम से कम सांसदों की ओरिजनल पत्नी  को इसका लाभ मिले।
 कांग्रेस ही नहीं अन्य राजनीतिक दलों के सांसदों एवं नेताओं के परिवारों में महिलाओं खासकर पçत्नयों की स्थिति अच्छी नहीं है, लेकिन राजनीतिक दलों से जुड़े नेताओं के उन परिवारों में महिलाओं की स्थिति सुधरने लगी है, जिन्हें चुनावी प्रक्रिया का लाभ लेना है। जो महिला कभी भी अपने घर से बाहर नहीं निकली , वह महिला अब अपने पति के साथ सार्वजनिक समारोह में नज़र आने लगी है। भले ही नेताओं की यह मजबूरी हो, लेकिन चुनाव का लाभ लेने के लिए महिलाओं को समान पूर्वक आगे लाया जा रहा है। भविष्य में जब 33 प्रतिशत आरक्षण महिलाओं के लिए हो जाएगा तब नेताओं के परिवार में पीçड़त महिलाओं को ही इसका सबसे ज्यादा लाभ मिलेगा। मुलायम सिंह यादव, लालू प्रसाद यादव और शरद यादव की तिकड़ी यह सही कह रही है कि महिला आरक्षण का लाभ समाज के गरीब तबके की महिलाओं को नहीं मिलेगा, लेकिन आपका यह नज़रिया सही है कि यदि कुछ वर्ष सक्रिय नेताओं के परिवारों की महिलाओं को ही लाभ मिले तो भविष्य में समाज की दबी-कुचली महिलाओं को भी लाभ मिल सकता है।
 सब जानते हैं कि महिला आरक्षण बिल को अमली-जामा पहनाने में आपकी महत्वपूर्ण भूमिका है। यदि आपका दृढ़ निश्चय नहीं हो तो राज्यसभा में भी यह बिल पारित नहीं हो सकता था। आपको इस बात का अहसास है कि भारत में महिलाओं की स्थिति अच्छी नहीं है। महिलाओं की स्थिति सुधारने में महिला आरक्षण बिल महत्वपूर्ण भूमिका निभायेगा। आज जब दुनिया भर में महिलाओं की आधी आबादी है तो फिर महिलाओं को राजनीति में भी पीछे नहीं रखा जा सकता। जहां तक भारतीय महिलाओं का सवाल है तो वह आरम्भ से ही श्रमजीवी रही है। खेत खलिहानों में महिलाएं पुरूषों के बराबर मेहनत करती हंै। ऐसे में यदि राजनीति के क्षेत्र में महिलाएं पुरूषों का मुकाबला करें तो पुरूषों को नाराज नहीं होना चाहिए। मुझे पता है कि महिला आरक्षण बिल कानून बनने में अभी अनेक बाधाओं को पार करना है, लेकिन आपने जो दृढ़ निश्चय  किया है, उस पर आप कायम रहें। मुझे पूरी उम्मीद है कि आपके प्रयासों से महिला आरक्षण बिल न केवल लोकसभा में पारित होगा, बल्कि देश की आधी से ज्यादा विधानसभाओं में भी पास हो जाएगा। चूंकि देश के राष्ट्रपति के पद पर प्रतिभा पाटिल जैसी महिला पहले से ही विराजमान हैं तो राष्ट्रपति की स्वीकृति मिलने में भी कोई परेशानी नहीं होगी। आपने पूर्व में दूरदर्शिता दिखाते हुए ही प्रतिभा पाटिल को देश का राष्ट्रपति बनवाया। आप भारत की महिलाओं को कितना समान देना चाहती है इसका अन्दाजा इससे भी लगाता है कि लोकसभा के अध्यक्ष के पद पर आपने अनुसूचित जाति की मीरा कुमार को विराजमान करवाया।
 आप महिला आरक्षण बिल को कानून बनवाने में सफल हो, ऐसी मेरी ईEर से प्रार्थना है।
प्रतिष्ठा में,                                                                             आपका
श्रीमती सोनिया गांधी                                                         एस.पी.मित्तल
10, जनपथ नई दिल्ली।    

 

 

 

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