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22 अप्रैल तक
चलेगी श्रीमदभागवत कथा
अजमेर। अनन्त श्री विभूषित ज्योतिषपीठाधीEर एवं
द्वारकाशारदापीठाधीEर जगतगुरू शंकराचार्य स्वामी श्री स्वरूपानन्द
सरस्वती जी महाराज के परम शिष्य स्वामी श्री प्रज्ञानानन्द जी महाराज
के व्यासत्व में श्रीमदभागवत कथा का वाचन अजमेर के गंज स्थित जनकपुरी
में हो रहा है। 16 अप्रैल से शुरू होकर यह कथा 22 अप्रैल को समाप्त
होगी। भागवत कथा रोजाना 3 से सांय 7 बजे तक हो रही है।
अजमेर की प्रमुख धार्मिक संस्था तुलसी सेवा संस्थान के डा. विष्णु
चौधरी, आनन्द प्रकाश अरोडा, ओम प्रकाश मंगल, किशनचन्द बंसल आदि के
अथक सहयोग से हो रही इस भागवत कथा में भगवान श्रीकृष्ण के विभिन्न
चरित्र का विवरण प्रस्तुत किया जा रहा है। स्वामी प्रज्ञानानन्द जी
महाराज का नाम भागवत कथावाचन के क्षेत्र में उल्लेखनीय हैं। जो
श्रद्धालु एक बार स्वामी जी की कथा का श्रवण कर लेता है वह फिर
बार-बार कथा सुनने को आतुर रहता है। स्वामी जी का भी कहना है कि
श्रीमदभागवत कलीकाल में समस्त दुज्खों के निवारण की अचूक औषिध है एवं
मनुष्य को जीने की कला, लोकव्यवहार में निपुणता एवं जीव मात्र के
प्रति हमें प्रेम करना सीखाती है। इसके श्रवण एवं दर्शन करने मात्र
से मोक्ष की सुलभ प्राçप्त हो जाती है। चूंकि अजमेर में श्रीमदभागवत
कथा पवित्र पुरूषोत्तम मास के पावन अवसर पर एवं गाौसेवार्थ हो रही है
इसलिए इसका खास महत्व है।
कथा व्यास स्वामी प्रज्ञानानन्द जी महाराज संक्षिप्त परिचय
20 फरवरी 1974 को मध्यप्रदेश के सिवनी जिले के केवलारी तहसील के
ग्राम साठई में मध्यम वगीüय परिवार में जन्में स्वामी जी के पिता
स्व. महेश प्रसाद त्रिपाठी थे। आपने जगत गुरू शंकराचार्य स्वामी श्री
स्वरूपानन्द जी महाराज से सन्यास दीक्षा लेकर श्रेष्ठ विद्वानों के
संसर्ग में धर्मशास्त्र, वेद वेदान्त, पुराणों आदि का अध्ययन पूर्ण
करने के उपरान्त श्री गुरूचरणों के शुभार्षीर्वाद एवं श्री गुरूआज्ञा
को अंगीकार कर श्रीमदभागवत, रामचिरत मानस एवं गीता के रहस्यों से
मानव मूल्यों के सूत्रों को निकालकर, जीवन जीने की कला का प्रतिपादन
कर, समाज के हर वर्ग को देश के कोने-कोने में धर्म के माध्यम से
प्रदान कर रहें हैं।
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