Home About Us Video Gallery Picture Gallery English Edition Comments Contact Us
Search the site   
 

 

क्रिकेट का तमाशा
 केन्द्र सरकार देश में जब आतंकी हमलों की बार-बार आशंका प्रकट कर रही है तब देश में क्रिकेट का तमाशा यानि आईपीएल-3 का आयोजन इन दिनों धूमधाम से हो रहा है। वैसे तो क्रिकेट अंग्रेजों का शौक रहा है, लेकिन आईपीएल के तमाशे से लगता है कि यह भारत जैसे गरीब देश में घर-घर पहुंच गया है। यूं तो दो देशों के बीच टेस्ट मैच, वनडे, टी-20 मैच होते रहते हैं , लेकिन आईपीएल एक ऐसा तमाशा है जिसमें सब देशों के खिलाडियों को जोड़कर अलग-अलग टीम बनायी जाती है। यानि कुछ दिनों पहले तक जो खिलाड़ी आमने-सामने रहकर एक दूसरे को हराने का प्रयास करते देखे गए, वही खिलाड़ी एक टीम में नज़र आते हैं । यह कोई खेल भावना नहीं बल्कि धन कमाने का एक जरिया है। जिसमें खिलाड़ी और आईपीएल के आयोजक दोनों शामिल हैं भारत सहित क्रिकेट के खिलाड़ी आमतौर पर यह शिकायत करते हैं  कि टेस्ट मैच, वनडे और टी-20 की प्रतियोगिताएं होने के कारण अब साल भर क्रिकेट खेली जाने लगी है। इससे खिलाड़ी थक जाते हैं लेकिन इन्हीं शिकायतकत्ता खिलाडियों को आईपीएल में खेलने से कोई शिकायत नहीं होती, क्योंकि विभिन्न धंधें के मालिक ऊंची कीमत देकर एक-एक खिलाड़ी को अपनी टीम के लिए खरीदते हैं। चंकि आईपीएल से मिलने वाला पैसा अपने देश के क्रिकेट बोर्ड से मिलने वाले पैसे के अतिरिक्त होता है इसलिए खिलाड़ी चुपचाप आईपीएल में खेल लेते हैं । सवाल उठता है कि जब साल भर चलने वाली प्रतियोगिताओं के कारण क्रिकेट खिलाड़ी थक जाते हैं  तो फिर आईपीएल में कैसे खेल लेते है? जाहिर है कि क्रिकेट खिलाड़ी भी खेल से ज्यादा पैसे को महत्व देते हैं। 
 कि आईपीएल में पैसों की बरसात होती है इसलिए क्रिकेट खेल को तमाशा बना दिया गया है। दर्शकों ने देखा कि आईपीएल-3 के शुभारंभ के अवसर पर 12 मार्च को मुम्बई के स्टेडियम में कई वीआईपी हैलीकॉप्टर से आए। देखा जाए तो इस हैलीकॉप्टर का खर्चा भी दर्शकों ने ही चुकाया। जो लोग हैलिकॉप्टर से आए, वे या तो खिलाड़ी थे या फिर आईपीएल टीम के मालिक। आईपीएल के आयोजकों को दर्शकों के टिकट से तो आय होती ही है लेकिन असली आय आईपीएल मैचों के टीवी प्रसारण के अधिकार बेचने से है। इस बार भी आईपीएल मैचों के टीवी प्रसारण के अधिकार सोनी मैक्स चैनल को दिए गए हंै। सोनी मैक्स चैनल के प्रबन्धक खुले रूप से लूट-खसोट करने में लग गए हैं। मैच के दौरान इतने विज्ञापन दिखाए जा रहे हैं कि मैच का मजा ही खत्म हो गया है। इतना ही नहीं सोनी मैक्स के प्रबन्धकों ने इस बार न्यूज चैनलों को मैच की हाईलाइट्स दिखाने से भी रोका। प्रबन्धकों ने न्यूज चैनलों से कहा कि यदि वे हाइलाइट्स दिखाते हंै तो उन्हें एक निधारित शुल्क चुकाना पड़ेगा। अनेक न्यूज चैनलों से शुल्क चुकाया भी। न्यूज चैनलों के प्रबन्धकों का कहना है कि यह पहला अवसर है जब किसी अधिकार प्राप्त चैनल ने हाई लाइट्स दिखाने के भी पैसे मांग लिए हैं। हाई लाइटस का क्रिकेट प्रमियों के बीच अपना महत्व होता है क्योंकि जो दर्शक मैच नहीं देख पाते, वे अगले दिन हाई लाइटस देख कर सन्तुष्ट हो जाते हैं।
 यह सही है कि आईपीएल क्रिकेट का एक तमाशा है, लेकिन भारत जैसे देश में तमाशबीनों की भी कोई कमी नहीं है। जिन स्थानों पर आईपीएल-3 के मैच हो रहे हैं, उनमें बड़ी संख्या  में तमाशबीन पहुच रहे हैं। यह बात अलग है कि ऐसे तमाशबीन चीयर्स लीडर के अश्लील नृत्य देखने में ज्यादा रूचि रखते हैं । इसी प्रकार घर-घर में सोनी मैक्स चैनल पर आईपीएल के मैच देखें जा रहे हैं। जिन घरों में केबल के जरिए सोनी मैक्स का प्रसारण नहीं होता, उन घरों के सदस्यों का अपने केबल आपरेटर पर दबाव है कि वह सोनी मैक्स का प्रसारण करवाये। दर्शकों की बढ़ती मांग के कारण ही सौनी मैक्स के प्रबन्धकों ने कैबल आपरेटरों से लिया जाना वाला प्रतिमाह का शुल्क भी बढ़ा दिया है। चूंकि आईपीएल के मैचों को बढ़ी संख्या  में दर्शक देख रहे हैं इसलिए सोनी मैक्स पर विज्ञापन देने वालों की होड़ भी लग गई है। असल में क्रिकेट का यह तमाशा भारत जैसे तमाशबीन लोगों के कारण ही सफल होता है। गत वर्ष आईपीएल-2 के आयोजन की अनुमति जब भारत में  नहीं दी गई तो इसका आयोजन दक्षिण अफ्रीका में किया गया, लेकिन पैसे की जो बरसात आईपीएल तीन में भारत में हो रही है वैसी दक्षिण अफ्रीका में नहीं हो पायी। आईपीएल के आयुक्त ललित मोदी को भी पता है कि भारत में लोगों को बेवकूफ बना कर पैसा कमाया जा सकता है इसलिए उनका भी प्रयास रहा कि हर स्थिति में भारत में ही आईपीएल का आयोजन हो। इसके लिए अन्होंने सभी राजनीतिक दलों से सम्पर्क भी साधा। हो सकता है कि राजनीतिक दलों और सरकार में बैठे प्रभावशाली लोगों को आईपीएल की कमाई का लालच भी दिया गया हो।

 

 

Copyright © bhabhak.com 2010-2011
Designed By Shreetapasya